ज़ोमैटो (Zomato) और स्विगी (Swiggy) का भारत के फूड डिलीवरी मार्केट पर जो एकाधिकार (Duopoly) रहा है, उसे अब एक बहुत बड़ी चुनौती मिलने वाली है। भारत की ई-कॉमर्स दिग्गज कंपनी फ्लिपकार्ट (Flipkart) जल्द ही अपना फूड डिलीवरी ऐप लॉन्च करने जा रही है। ताज़ा रिपोर्ट्स के मुताबिक, फ्लिपकार्ट इसी महीने यानी 15 अगस्त 2026 के आसपास बेंगलुरु में अपनी फूड डिलीवरी सर्विस को आधिकारिक तौर पर शुरू कर सकता है। इस बड़े कदम के बाद भारत के फूड डिलीवरी और गिग इकॉनमी सेक्टर में एक नया और शक्तिशाली प्लेयर मैदान में आ जाएगा, जिसका सीधा असर राइडर्स की कमाई पर पड़ेगा।
फ्लिपकार्ट का गेम प्लान: रेस्टोरेंट्स को 10% कमीशन का ऑफर
ज़ोमैटो और स्विगी वर्तमान में रेस्टोरेंट पार्टनर्स से 16% से 30% तक का भारी कमीशन वसूलते हैं। इसी बात का फायदा उठाते हुए फ्लिपकार्ट ने अपनी मार्केट रणनीति तैयार की है। सूत्रों के अनुसार, फ्लिपकार्ट रेस्टोरेंट्स से केवल 10% के आसपास कमीशन लेने की योजना बना रहा है। यह कम कमीशन रेट रेस्टोरेंट्स के लिए बहुत फायदेमंद साबित होगा, जिससे वे भारी संख्या में फ्लिपकार्ट के प्लेटफॉर्म से जुड़ेंगे। जितने ज़्यादा रेस्टोरेंट ऐप पर लिस्ट होंगे, राइडर्स के लिए उतने ही ज़्यादा ऑर्डर जनरेट होंगे।
डिलीवरी पार्टनर्स के लिए इसका क्या मतलब है?

फ्लिपकार्ट की इस नई शुरुआत का सबसे बड़ा फायदा डिलीवरी पार्टनर्स (Delivery Partners) को होने वाला है। जब भी कोई नई और बड़ी कंपनी मार्केट में उतरती है, तो उसे ग्राहकों तक तेज़ी से ऑर्डर पहुंचाने के लिए एक बड़े डिलीवरी फ्लीट (Delivery Fleet) की सख्त जरूरत होती है।
- भारी जॉइनिंग बोनस (Joining Bonus): शुरुआत में राइडर्स को अपनी तरफ आकर्षित करने के लिए फ्लिपकार्ट शानदार जॉइनिंग बोनस और वीकली इन्सेंटिव्स दे सकता है।
- ज्यादा कमाई का मौका: मौजूदा प्लेटफॉर्म्स पर काम कर रहे राइडर्स के पास अब एक नया विकल्प होगा। जब मार्केट में ज़बरदस्त कॉम्पिटिशन बढ़ेगा, तो स्विगी और ज़ोमैटो को भी अपने राइडर्स को बेहतर पेआउट (Payout) और सुविधाएं देनी पड़ेंगी ताकि वे दूसरी कंपनी में न जाएं।
- पार्ट-टाइम काम के नए अवसर: जो लोग पहले से फ्लिपकार्ट मिनट्स (Flipkart Minutes) या ई-कॉमर्स पार्सल डिलीवरी कर रहे हैं, उनके लिए फूड डिलीवरी अतिरिक्त आय का एक बेहतरीन और तेज़ जरिया बन सकती है।
मल्टीपल इनकम स्ट्रीम्स (Multi-apping) का नया दौर
आज के समय में गिग वर्कर्स किसी एक ऐप पर निर्भर नहीं रहना चाहते। हालिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बढ़ती महंगाई के कारण युवा और गिग वर्कर्स अब एक साथ कई प्लेटफॉर्म्स पर काम करना पसंद कर रहे हैं (जिसे Multi-apping कहा जाता है)। हाल ही में रैपिडो (Rapido) ने भी फूड डिलीवरी में कदम रखते हुए ‘Ownly’ नाम से अपना प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है।
रेडसीयर (Redseer) की अगस्त 2026 की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, भारत में फुल-टाइम फूड डिलीवरी पार्टनर्स औसतन ₹22,000 से ₹23,000 प्रति माह क