यदि आप भी घर बैठे अपने स्मार्टफोन से Zomato (Eternal) या Swiggy के ज़रिए खाना या Blinkit-Instamart से मिनटों में ग्रोसरी (राशन) मंगाने के आदी हैं, तो यह खबर आपकी जेब पर सीधा असर डाल सकती है। आने वाले दिनों में ऑनलाइन ऑर्डर करना आपके लिए थोड़ा और महंगा हो सकता है।
इलाज कैपिटल (Elara Capital) की एक होलिया रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार, देश में पेट्रोल और डीज़ल की बढ़ती कीमतों के कारण फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स कंपनियों को भारी लागत (Cost Headwind) का सामना करना पड़ रहा है। इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद बाज़ार में Online Food Delivery Price Hike की सुगबुगाहट तेज़ हो गई है।
आइए इस रिपोर्ट का गहराई से विश्लेषण करते हैं और समझते हैं कि ईंधन की बढ़ती कीमतें आपके बिल को कैसे प्रभावित करने वाली हैं।
क्या है पूरा मामला? (Why Online Orders Could Cost More)
एलारा कैपिटल की रिपोर्ट के मुताबिक, पेट्रोल की कीमतों में हाल ही में हुई लगभग 4% (तकरीबन ₹4 प्रति लीटर) की बढ़ोतरी ने ऑनलाइन डिलीवरी कंपनियों के मार्जिन पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है। हालांकि, शुरुआत में कंपनियां इस बढ़ी हुई लागत का बोझ खुद उठा रही हैं, लेकिन लंबे समय तक ऐसा करना संभव नहीं होगा।
कंपनियां इस बढ़े हुए खर्च की भरपाई करने के लिए निम्नलिखित कदम उठा सकती हैं:
- हायर डिलीवरी फीस (Higher Delivery Fees): दूरी के हिसाब से ली जाने वाली डिलीवरी फीस में बढ़ोतरी।
- प्लेटफॉर्म चार्जेस (Platform Charges): हर ऑर्डर पर लगने वाले अनिवार्य प्लेटफॉर्म शुल्क को ₹1 से ₹3 तक बढ़ाना।
- प्राइसिंग एडजस्टमेंट्स (Pricing Adjustments): रेस्टोरेंट्स के साथ मिलकर मेन्यू की कीमतों में मामूली बदलाव करना।
आंकड़ों का गणित: प्रति ऑर्डर कितना बढ़ जाएगा खर्च?
रिपोर्ट में फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स (10-मिनट डिलीवरी) दोनों के डिलीवरी खर्च का एक सटीक अनुमान साझा किया गया है। इसके अनुसार, कंपनियों का प्रति ऑर्डर ईंधन खर्च (Fuel Expense) काफी मायने रखता है।
आइए इसे एक तालिका के माध्यम से समझते हैं:
| डिलीवरी का प्रकार (Delivery Type) | औसत डिलीवरी कॉस्ट (प्रति ऑर्डर) | अनुमानित ईंधन खर्च (20% हिस्सा) | पेट्रोल ₹4 बढ़ने पर तत्काल असर | भविष्य में ₹10 बढ़ने पर असर |
| क्विक कॉमर्स (Groceries) | ₹35 – ₹50 | ₹7 – ₹10 | ~₹0.44 | ₹1 – ₹1.2 प्रति ऑर्डर |
| फूड डिलीवरी (Food) | ₹55 – ₹60 | ₹11 – ₹12 | ~₹0.44 | ₹1 – ₹1.2 प्रति ऑर्डर |
ध्यान दें: यदि ब्लेंडेड बेसिस (Blended Basis) पर देखा जाए, तो प्रति ऑर्डर औसतन खर्च Eternal (Zomato) के लिए ₹45 और Swiggy के लिए ₹55 आता है।
यदि आने वाले 3 से 6 महीनों में पेट्रोल की कीमतें ₹10 प्रति लीटर तक और बढ़ जाती हैं, तो प्रति ऑर्डर ₹1 से लेकर ₹1.2 तक का सीधा असर पड़ेगा, जिसे अंततः ग्राहकों से ही वसूला जा सकता है।
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EV (इलेक्ट्रिक व्हीकल) और साइकिल से कितनी मिली राहत?
इस Online Food Delivery Price Hike के बीच एक राहत की बात यह है कि ये कंपनियां अब तेज़ी से इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) और साइकिल डिलीवरी को बढ़ावा दे रही हैं। यही कारण है कि पेट्रोल की कीमतों में उछाल का असर 100% ऑर्डर्स पर नहीं पड़ता।
एलारा कैपिटल का अनुमान:
- क्विक कॉमर्स (जैसे Blinkit, Zepto) में लगभग 30-40% डिलीवरी के लिए EV और साइकिल का इस्तेमाल हो रहा है।
- फूड डिलीवरी में यह आंकड़ा करीब 20% है।
- कुल मिलाकर (Blended Basis), केवल 70% ऑर्डर्स ही ऐसे हैं जो सीधे तौर पर पेट्रोल की कीमतों से प्रभावित होते हैं।
यदि कंपनियां इस बढ़े हुए खर्च को ग्राहकों पर नहीं डालती हैं, तो उनके मुनाफे (EBITDA) पर भारी चोट पड़ेगी। एक अनुमान के मुताबिक, सबसे खराब स्थिति में भी कंपनियों को ₹1 से ₹2 अरब (Billion) का शुद्ध नुकसान हो सकता है।
Swiggy के मुकाबले Zomato (Eternal) बेहतर स्थिति में क्यों है?

रिपोर्ट में यह भी साफ किया गया है कि ईंधन की बढ़ती कीमतों से निपटने के लिए कौन सी कंपनी ज़्यादा मजबूत है। एलारा का मानना है कि Eternal (Zomato) इस दबाव को संभालने के लिए Swiggy की तुलना में बेहतर स्थिति में है। इसके पीछे तीन मुख्य कारण हैं:
- प्रीमियम कस्टमर बेस: ज़ोमैटो के पास अपेक्षाकृत अधिक खर्च करने वाले और प्रीमियम ग्राहक हैं, जो ₹2-₹3 का एक्स्ट्रा चार्ज आसानी से दे सकते हैं।
- मजबूत स्केल (Scale): ज़ोमैटो का ऑर्डर वॉल्यूम और मार्केट शेयर इस समय काफी मजबूत है।
- विज्ञापन से मोटी कमाई: ज़ोमैटो का एडवेर्टाइजिंग रेवेन्यू (Advertising Revenue) काफी अच्छा है, जो इसे वित्तीय रूप से एक बड़ा कुशन (Cushion) प्रदान करता है।
दूसरी ओर, Swiggy पर दबाव अधिक हो सकता है क्योंकि वह अभी भी अपने क्विक कॉमर्स बिजनेस (Instamart) को ‘कंट्रीब्यूशन ब्रेक-इवन’ (Contribution Break-even) तक पहुँचाने के लिए संघर्ष कर रहा है और उसके पास मुनाफे का मार्जिन थोड़ा कम है।
केवल डिलीवरी ही नहीं, इन चीज़ों पर भी पड़ेगा असर
लगातार बढ़ते ईंधन के दाम केवल कंपनियों की डिलीवरी कॉस्ट तक सीमित नहीं रहेंगे। रिपोर्ट में एक बड़े रिस्क की तरफ इशारा किया गया है:
- ऑर्डर फ्रीक्वेंसी (Order Frequency): यदि खाना महंगा होता है, तो ग्राहक हफ्ते में 3 बार मंगाने के बजाय केवल 1 या 2 बार ही ऑर्डर करेंगे।
- रेस्टोरेंट और ब्रांड्स का बजट: जब ग्राहकों का खर्च बढ़ेगा, तो रेस्टोरेंट्स और बड़े ब्रांड्स भी इन प्लेटफॉर्म्स पर विज्ञापन देने का अपना बजट (Advertising Spend) कम कर सकते हैं।
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FAQs: ऑनलाइन फूड डिलीवरी और कीमतों से जुड़े आपके सवाल
Q1: क्या अभी से ही Zomato और Swiggy पर खाना महंगा हो गया है?
Ans: फिलहाल कंपनियों पर इसका वित्तीय प्रभाव नियंत्रण में है, इसलिए कीमतों में कोई अचानक भारी बढ़ोतरी नहीं की गई है। लेकिन रिपोर्ट के मुताबिक, अगले 3 से 6 महीनों में धीरे-धीरे प्लेटफॉर्म फीस या डिलीवरी चार्जेस में बदलाव देखा जा सकता है।
Q2: इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) से डिलीवरी होने पर क्या डिलीवरी चार्ज कम लगता है?
Ans: नहीं, ग्राहकों के लिए डिलीवरी चार्ज ऐप के एल्गोरिदम द्वारा तय किया जाता है, जो दूरी और डिमांड पर निर्भर करता है, न कि इस बात पर कि डिलीवरी बॉय कौन सी गाड़ी चला रहा है। हालांकि, EV के बढ़ते इस्तेमाल से कंपनियों को अपनी कुल लागत नियंत्रित रखने में मदद मिलती है।
Q3: क्या रेस्टोरेंट के अंदर मिलने वाले खाने की कीमतें भी बढ़ेंगी?
Ans: ईंधन की कीमतों का सीधा असर लॉजिस्टिक्स (परिवहन) पर पड़ता है। इससे रेस्टोरेंट के कच्चे माल की सप्लाई चेन भी महंगी होती है, जिससे न केवल ऑनलाइन बल्कि रेस्टोरेंट में जाकर खाने (Dine-in) की कीमतें भी थोड़ी प्रभावित हो सकती हैं।
निष्कर्ष (Conclusion)
बढ़ती ईंधन की कीमतें देश की डिजिटल और गिग इकॉनमी के सामने एक नई चुनौती बनकर खड़ी हो गई हैं। कंपनियों द्वारा इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) को अपनाना एक सराहनीय कदम है, लेकिन पेट्रोल पर निर्भर 70% फ्लीट के कारण Online Food Delivery Price Hike की संभावना को पूरी तरह खारिज नहीं किया जा सकता। यदि आप ऑनलाइन खाना ऑर्डर करना पसंद करते हैं, तो आने वाले समय में थोड़े अतिरिक्त प्लेटफॉर्म चार्ज या डिलीवरी फीस देने के लिए मानसिक रूप से तैयार रहें!
Article Source / Reference: यह लेख Outlook Business की मूल रिपोर्ट पर आधारित है। विस्तृत और आधिकारिक जानकारी के लिए आप मूल स्रोत यहाँ पढ़ सकते हैं: Your Next Swiggy Or Zomato Order Could Cost More, Here’s Why – Outlook Business